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लोक संस्कृति उत्सव

मेहता सभागार, प्रयाग संगीत समिति, प्रयागराज

05-07 अक्टूबर 2025

लोक कलाओं और माटी की सुंगध को मुख्यधारा से जोड़े रखने के लिए ‘लोक रंग, माटी के संग’ की भावना के साथ व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसायटी की ओर से तीन दिवसीय लोक संस्कृति उत्सव आज आरंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में महापौर श्री गणेश केसरवानी रहे। आज का मुख्य आकर्षण शाम की सांस्कृतिक संध्या थी, जिसमें पद्मश्री विदुषी मालिनी अवस्थी ने अपने लोक गीतों से सभी का मन छू लिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान कई बार सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि नवाचार से ही हमारी लोक संस्कृति बची रहेगी।

दूसरे दिन की संध्या प्रस्तुति में श्री मन्नू यादव जी ने बिरहा गायन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्म श्री से सम्मानित विदुषी उर्मिला श्रीवास्तव जी के गायन पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो उठा। तत्पश्चात श्री अतुल यदुवंशी के नेतृत्व में नौटंकी: बहुरुपिया देख आगंतुकों के बीच उर्जा का संचार हो उठा।

तीसरे दिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ़ मीडिया स्टडीज के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ धनंजय चोपड़ा ने विशेष कथा कथन से मानो महफ़िल ही लूट ली। रोचकता इतनी कि कभी आगंतुकों के आंख में पानी तो कभी ठिठककर हंसी देखने को मिली। श्री फौजदार सिंह के आल्हा की प्रस्तुति से दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में नीलोत्पल मृणाल, शिवम् भगवती, आर के अग्रवाल, रुचि चतुर्वेदी, प्रकाश उदय जैसे दिग्गज कवियों ने कवि सम्मेलन में जमकर अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर डॉ मधु शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापित किया

Program Highlights

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ध्रुपद समारोह - परंपरा एवं नवाचार

ब्रजमोहन व्यास सभागार, इलाहाबाद संग्रहालय

18-19 मार्च 2025

इलाहाबाद संग्रहालय में 18 व 19 मार्च 2025 को संग्रहालय, उ. प्र. संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ व व्यंजना आर्ट एवं कल्चर सोसाइटी, प्रयागराज के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय ध्रुपद समरोह: परंपरा एवं नवाचार का शुभारंभ हुआ। दीप प्रज्जवलन से कार्यक्रम आरंभ हुआ स्वागत वक्तव्य में डॉ मधु रानी शुक्ला ने मुख्य अतिथि प्रो. पं. साहित्य कुमार नाहर, पूर्व कुलपति, मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर। ध्रुपद विधा के बड़े नाम पद्मश्री उस्ताद वासिफुद्दीन डागर सहित सभी सुधी नागरिकों का स्वागत करते हुए इस आयोजन के हेतु और उद्देश्य से अवगत कराया। स्वागत व सम्मान के पश्चात ध्रुपद की प्रथम प्रस्तुति उस्ताद वासिफुद्दीन डागर की शिष्या सुश्री अपराजिता ने दिया पखावज पर उनके साथ संगत किया पं.शशिकांत पाठक ने ।इस युगल संगत में श्रोता घण्टों सुर,लय,ताल पर गोता लगाते रहे और अन्तत: सब ने खड़े होकर करतल ध्वनि से साधना को सलाम किया। अगली प्रस्तुति आज के मुख्य आकर्षण पद्यश्री डागर साहब की रही,उल्लेखनीय है कि उस्ताद वासिफुद्दीन डागर साहब डागर घराने की 20वीं पीढी से हैं जो अनवरत भारतीय शास्त्रीय संगीत के ध्रुपद विधा की सेवा साधना में संलग्न हैं। श्री डागर ने लगभग सवा घंटे की प्रस्तुति में ध्रुपद विधा में राग शुद्ध सारंग के साथ तमाम रागों की यात्रा करवाई उनके साथ सितार पर सुश्री अपराजिता व सुश्री अभिलाषा भारद्वाज ने संगत किया। अंतिम प्रस्तुति श्री विजय रामदास, अयोध्या की रही । उनके शिष्य श्री वैभव रामदास व सुश्री कौशिकी झा ने संगत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ धनन्जय चोपणा व धन्यवाद ज्ञापन डॉ राजेश मिश्र ने किया। इस अवसर पर श्री अभिलाष नारायण, ए. पी. तिवारी, श्री शैलेन्द्र कपिल, डॉ उर्मिला शर्मा, श्री विशाल ढींगरा, श्री विवेक विशाल श्री विनोद मिश्र, प्रियांशू सहित बढी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक व संगीत प्रेमी व साधक उपस्थित रहे। दूसरे दिन श्री अभिजीत सुखदाणे,ग्वालियर एवं श्री अभय रुस्तम सोपोरी की प्रस्तुतियों से गुंजायमान रहा। आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में श्री शशि प्रकाश सिंह, भारत के अतिरिक्त सालिसिटर जनरल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो.स्वतंत्र बाला शर्मा,पूर्व कुलपति राजा मान सिंह तोमर विश्वविद्यालय,ग्वालियर उपस्थित रहीं। कला साधकों के स्वागत सम्मान से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ प्रथम प्रस्तुति में श्री अभिजीत सुखदाणे ने राग मुल्तानी में रचित बंदिश सुनाई,उनके साथ तानपुरे पर तानिषी सुखदाणे व योगिनी तांबे ने संगत किया। अगली प्रस्तुति में श्री अभय रुस्तम सोपोरी ने संतूर पर राग धानी के साथ ध्रुपद की लहरियाँ बिखेरी उनके साथ डॉ.अंकित पारिख ने पखावज पर और उनके शिष्य श्री दिव्यांस श्रीवास्तव ने संतूर पर संगत किया। मुख्य अतिथि श्री सिंह ने सुंदर आयोजन हेतु तीनों संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि “भारतीय कला व संस्कृति व धर्म के वृहद समागम को अभी हाल में महाकुम्भ के रूप में विश्व ने देखा व सराहा है और भारतीय शास्त्रीय विधा के ध्रुपद गायन को इलाहाबाद संग्रहालय,संगीत नाटक अकादमी व व्यंजना आर्ट एवं कल्चर सोसाइटी एक समरोह रूप में मना रहा यह स्वागत योग्य तथा सराहनीय है।” कार्यक्रम का संचालन श्री प्रियांशू श्रीवास्तव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ मधु शुक्ला ने किया। इस अवसर पर प्रो.जयंत खोत, श्री शैलेन्द्र कपिल, सुश्री सुषमा शर्मा, श्री ए. पी. तिवारी, श्री अरिंदम घोष, श्री विनोद मिश्र सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य व कलाप्रेमी उपस्थित रहे।

Program Highlights

Media Coverage

Programs

राग अनुराग संगीत बैठक

नवरस सभागार, प्रयागराज

दिनांक:- 09 अप्रैल 2026

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी द्वारा आयोजित राग अनुराग संगीत बैठक का आयोजन 09 अप्रैल 2026 को नवरस सभागार, प्रीतम नगर में हुआ, जिसमे सबका स्वागत संस्था की सचिव डॉ मधु शुक्ला जी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति शहर के जाने-माने गायक व हार्मोनियम वादक श्री अनुराग मिश्र की रही, जिसमे उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत राग पूरिया धनाश्री में तीनताल में निबद्ध छोटा ख्याल के बोल थे ‘पायलिया झनकार मोरी’ तत्पश्चात राग पहाड़ी पर आधारित ठुमरी जिसके बोल थे ‘छोड़ के न जा ए सैंया मोरे’ से अपनी प्रस्तुति का समापन किया, तबले पर संगत श्री शुभम पटवा ने की। संध्या की द्वितीय एवं अंतिम प्रस्तुति सुविख्यात बाँसुरी एवं क्लेरोनेट वादक पंडित गोपाल दास जी की रही। जिसमें उन्होंने शुरुआत राग मधुवंती की प्रस्तुति से किया एवं समापन दादरा से किया। तबले पर संगत प्रयागराज के प्रसिद्ध तबला वादक पंडित अनूप बनर्जी एवं उनके शिष्य श्री वासुदेव पाण्डेय ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रूप में उपस्थित शहर के प्रतिष्ठित गायक श्री मनोज गुप्ता थे, उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा ऐसे कार्यक्रम निरतंर ही आयोजित होते रहने चाहिए, जिससे युवा कलाकारों को मंच मिलेगा एवं उन्हे वरिष्ठ कलाकारों को सुनने का मौका भी मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन वेदान्त तिवारी ने किया। इस अवसर पर शहर के तमाम मान्यगण उपस्थित रहे जिनमे अनिल कुमार शुक्ला, संतोष मिश्रा, राजेश तिवारी, शाम्भवी शुक्ला, श्रेयस शुक्ला, अभिलाषा भारद्वाज, विशाखा कौशिक, सृष्टि गुप्ता, प्रियंका चौहान आदि भी उपस्थित रहे।

कथा कथन

नवरस सभागार, प्रयागराज

दिनांक:- 31 मार्च 2026

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी द्वारा कथा कथन का आयोजन आज नवरस सभागार प्रीतम नगर में हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री उदय भान सिंह, प्रबंधक, बचपन स्कूल एवं विशिष्ट अतिथि सुशील राय जी एवं रविंद्र कुशवाहा जी रहे। सर्वप्रथम कथा कथन कार्यक्रम आरंभ करते हुए समन्वय रंग मंडल की संस्थापक एवं सचिव सुश्री सुषमा शर्मा जी ने गुरुवर रविंद्र नाथ टैगोर की कहानी स्त्री का पात्र का पाती नाम से एकल मंचन किया। 1914 में लिखी गई रविंद्र नाथ टैगोर जी की यह कहानी एक क्रांतिकारी स्त्री के बारे में है जो अपने 25 वर्ष के वैवाहिक जीवन के बाद एक तीर्थ में जाती है और वहां से अपने पति को पत्र लिखती है। अपने जन्म से लेकर 25 वर्ष के वैवाहिक जीवन में जो भी निर्णायक मोड़  उसके जिंदगी में आते हैं उनको लेकर वह एक अंतिम निर्णय लेती है और अपने पति से अलग होकर अपने जीवन को एक नया स्वरूप देने की चेष्टा करती है। इस कहानी के द्वारा नायिका मृणाल द्वारा स्त्री पुरुष में भेद, स्त्रियों को मात्र घर संभालने का एक यंत्र समझ जाना और उसकी बुद्धि और सुंदरता को दरकिनार रख उसको सिर्फ एक वस्तु का दर्जा देना ऐसी समस्याओं को उठाया गया है। इस प्रस्तुति में पार्श्व संगीत अर्णव राय, फोटोग्राफी दीपेंद्र सिंह एवं मंचन सुषमा शर्मा द्वारा निर्देशित एवं अभिनीत था। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कहानीकार व लेखक डॉ. धनंजय चोपड़ा ने कहा “कहानियाँ अपने कहे जाने का इंतज़ार करती हैं। ऐसी ही कई कहानियाँ मुझे भी मिलीं। इन्ही कहानियों का कोलाज है जो हमें जिंदगी ज़िन्दाबाद करना सिखाता है”। डॉ. चोपड़ा ने अपने कहानियों के कोलाज में “इत्ती सी ज़िंदगी’ और ‘बाँस का पौधा’ कहानियों को शामिल किया था। “इत्ती सी ज़िंदगी” एक किताब प्रेमी की कहानी है जो अपने ज़िंदगी में एक बड़ी सी किताब की दुकान खोलने का स्वप्न पूरा करना चाहता है। और यह स्वप्न अजीबोगरीब स्थिति में पूरा होता है। इसी तरह “बाँस का पौधा” कहानी एक मध्यवर्गीय दम्पत्ति की जद्दोजहद की कहानी है, जो बाँस के पौधे के शुभ अशुभ फलों के इर्द-गिर्द घूमती है। कार्यक्रम का संचालन शाम्भवी शुक्ला ने किया, स्वागत तथा आभार ज्ञापन संस्था के सचिव डॉ मधु रानी शुक्ला ने किया।

रेपेट्री प्रस्तुति

S. M. College, भागलपुर

दिनांक:- 28-29 मार्च 2026

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री की कलाकार शाम्भवी शुक्ला ने 28-29 मार्च 2026 को आयोजित हुई अंतरराष्ट्रीय गोष्ठी “भारतीय संस्कृति में लोक कलाओं का बदलता स्वरूप” के मंच पर देवी गीत बैठी विंध्याचल मायरिया की प्रस्तुति दी।

मंगलम्

बहुउद्देशीय सभागार एन सी जेड सी सी, प्रयागराज

दिनांक:- 19/03/2026

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री के कलाकारों  द्वारा 19  मार्च 2026 को  बहुउद्देशीय सभागार, एनसीजेडसीसी, प्रयागराज में नवसंवत्सर 2083 के प्रारम्भ होने के अवसर पर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज  एवं संस्कार भारती प्रयागराज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मंगलम् के मंच पर देवी गीत बैठी विंध्याचल मयरिया एवं चैती गीत खेलत जननी अंगनवा हो रामा की प्रस्तुति दी। इन कलाकारों  में अभिलाषा भारद्वाज, विशाखा कौशिक एवं अपेक्षा सिंह  सम्मिलित रहीं। तबले पर संगत शुभम पटवा ने दी, हारमोनियम पर अखिलेश राणा रहे एवं ढोलक पर संगत दी आदर्श चंद्रा ने ।   

संस्कार भारती, अवलोकन तीर्थ राजु चलो रे

माघ मेला 2026

दिनांक:- 12 फरवरी 2026

माघ मेला 2026 में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज द्वारा आयोजित चलो मन गंगा जमुना तीर के मंच पर व्यंजना रेपेट्री की कलाकार शाम्भवी शुक्ला ने भजनों एवं होली गीतों की प्रस्तुति दी। कलाकार के साथ संगत के लिये हारमोनियम पर श्री अनुराग मिश्रा, तबले पर श्री शुभम पटवा एवं कीबोर्ड पर श्री जयन्तो बोस ने संगत दी।

संस्कार भारती, अवलोकन तीर्थ राजु चलो रे

माघ मेला 2026, प्रयागराज

दिनांक:- 27/01/2026

माघ मेला 2026 में संस्कार भारती, अवलोकन तीर्थ राजु चलो रे द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतिभा संगम प्रतियोगिता के आयोजन के नौवें दिवस व्यंजना रेपेट्री की कलाकार अभिलाषा भारद्वाज, विशाखा कौशिक, तेजस, ओजस, अश्विका एवं विख्यात ने पद्माकर द्वारा रचित गंगा गीत ही गंगे छवि तेरी अति प्यारी, चलो हटो छेड़ो ना नंदलाला एवं मैं तो साँवरे के रंग राची की प्रस्तुति दी। कलाकारों के साथ संगत के लिये हारमोनियम पर श्री सूरज कुशवाहा रहे एवं तबले पर श्री शुभम पटवा ने संगत दी।

संस्कार भारती, अवलोकन तीर्थ राजु चलो रे

माघ मेला 2026

दिनांक:- 19 जनवरी 2026

माघ मेला 2026 में संस्कार भारती, अवलोकन तीर्थ राजु चलो रे द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतिभा संगम प्रतियोगिता के आयोजन के प्रथम दिवस व्यंजना रेपेट्री की कलाकार शाम्भवी शुक्ला,अभिलाषा भारद्वाज एवं विशाखा कौशिक ने तुलसीदास कृत राम लला नहछू की प्रस्तुति दी। कलाकारों के साथ संगत के लिये हारमोनियम पर श्री सूरज कुशवाहा रहे, तबले पर श्री शुभम पटवा एवं ढोलक पर श्री अनिरुद्ध सेन ने संगत दी।

नाद ब्रह्म कला महोत्सव

चलो मन गंगा जमुना तीर, NCZCC, प्रयागराज

दिनांक:- 12/01/2026

12 जनवरी, 2026 को, व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी की रिपर्टरी की कलाकार अभिलाषा भारद्वाज ने संस्कृति मंत्रालय और एन सी जेड सी सी, प्रयागराज द्वारा आयोजित चलो मन गंगा जमुना तीर के तहत नाद ब्रम्ह कला महोत्सव मनाते हुए एन सी जेड सी सी प्रयागराज में भजन प्रस्तुत किए।

नाद ब्रह्म कला महोत्सव

चलो मन गंगा जमुना तीर, NCZCC, प्रयागराज

दिनांक:- 12 जनवरी 2026

12 जनवरी, 2026 को संस्कृति मंत्रालय और एन सी जेड सी सी, प्रयागराज द्वारा आयोजित चलो मन गंगा जमुना तीर के तहत नाद ब्रम्ह कला महोत्सव का जश्न मनाते हुए, व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी की रिपर्टरी की कलाकार विशाखा कौशिक ने एन सी जेड सी सी प्रयागराज में लोक संगीत प्रस्तुत किया।

स्वदेशी मेला

माघ मेला 2026, प्रयागराज

दिनांक:- 02/01/2026

माघ मेला 2026 में स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन  द्वारा आयोजित स्वदेशी मेला 2025-26 के आयोजन में व्यंजना रेपेट्री की कलाकार शाम्भवी शुक्ला ने अइ जइयो साँवरे जैसे अन्य भजनों की प्रस्तुति दी । कलाकार के साथ संगत के लिये हारमोनियम पर श्री अनुराग मिश्रा रहे, तबले पर श्री शुभम पटवा एवं कीबोर्ड पर श्री अम्बर गुप्ता ने संगत दी।

भवन्स मेहता विद्याश्रम स्थापना दिवस महोत्सव

भरवारी

दिनांक:- 15 नवंबर 2025

भरवारी में भवन्स मेहता विद्याश्रम के 49वें स्थापना दिवस के आयोजन में  व्यंजना रेपेट्री की कलाकार शाम्भवी शुक्ला,अभिलाषा भारद्वाज एवं विशाखा कौशिक ने भजनों और सूफ़ी संगीत की प्रस्तुति दी। कलाकारों के साथ संगत के लिये हारमोनियम पर श्री सूरज कुशवाहा रहे, तबले पर श्री शुभम पटवा, ढोलक पर श्री अनिरुद्ध सेन  एवं कीबोर्ड पर श्री अखिलेश राणा ने संगत दी।

BRIATS,भगवतीपुर

दिनांक:- 09/11/2025

भगवतीपुर, प्रयागराज में आचार्य BRIATS द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में व्यंजना रेपेट्री की कलाकार शाम्भवी शुक्ला,अभिलाषा भारद्वाज एवं विशाखा कौशिक ने भजनों एवं सूफी गीतों की प्रस्तुति दी।  कलाकारों के साथ संगत के लिये हारमोनियम पर श्री सूरज कुशवाहा  रहे, तबले पर श्री शुभम पटवा, ढोलक पर श्री अनिरुद्ध सेन  एवं कीबोर्ड पर श्री अखिलेश राणा ने संगत दी।

 

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पुस्तक मेला, रायबरेली

दिनांक:- 04 नवंबर 2025

राय बरेली में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पुस्तक मेला के आयोजन के  चौथे दिन व्यंजना रेपेट्री की कलाकार शाम्भवी शुक्ला,अभिलाषा भारद्वाज एवं विशाखा कौशिक ने लोकगीतों पर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। जगदम्बा घर में दियरा से शाम्भवी ने अपने कार्यक्रम का शुभराम्भ किया। इसके बाद आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया की प्रस्तुति हुई। केहिया से आवेली कारी रे बदरिया का कजरी गायन हुआ,इसके बाद शाम्भवी ने अमीर खुसरो की रचना छाप तिलक सब छीनी एवं बुल्ले शाह की रचना दमादम मस्त कलंदर की प्रस्तुति दी।  कलाकारों के साथ संगत के लिये हारमोनियम पर श्री सूरज कुशवाहा रहे, तबले पर श्री शुभम पटवा, ढोलक पर श्री अनिरुद्ध सेन  एवं कीबोर्ड पर श्री अखिलेश राणा ने संगत दी।

36वाँ राष्ट्रीय रामायण मेला 2025

शृंगवेरपुर, प्रयागराज

दिनांक:- 04/11/2025

रामायण मेला आयोजन समिति द्वारा आयोजित 36 वाँ रामायण मेला 4 नवंबर 2025 को शृंगवेरपुर, प्रयागराज में आयोजित हुआ जहाँ कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दी। इन्ही कलाकारों में व्यंजना रेपेट्री के कलाकार शाम्भवी शुक्ला, अभिलाषा भारद्वाज एवं विशाखा कौशिक ने गोस्वामी तुलसीदास कृत राम लला नहछू की प्रस्तुति दी, जिसे व्यंजना रेपेट्री की गुरु डॉ. मधु रानी शुक्ला ने संगीतबद्ध किया।  कलाकारों के साथ संगत के लिये हारमोनियम पर श्री सूरज कुशवाहा रहे, तबले पर श्री शुभम पटवा, ढोलक पर श्री अनिरुद्ध सेन एवं कीबोर्ड पर श्री अखिलेश राणा रहे।

उत्तर प्रदेश लोक संस्कृति राष्ट्रीय प्रतियोगिता

प्रयाग संगीत समिति, प्रयागराज

दिनांक:- 05-07 अक्टूबर 2025

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी ने उत्तर प्रदेश लोक संस्कृति राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की। इस प्रतियोगिता में लोक रंगोली, लोक चित्रकला, लोक गायन (एकल व समूह), लोक नृत्य (एकल व समूह), लोक वेश भूषा, लोक गाथा व लोक नाट्य की प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में 4 वर्ष की आयु से लेकर हर उम्र के पुरुषों व स्त्रियों ने प्रतिभाग किया।इस प्रतियोगिता में लगभग 400-500 बच्चों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता अत्यंत सफल एवं सराहनीय रही।  

शारदीय नवरात्रि कार्यक्रम 2025

ललिता देवी मंदिर प्रांगण, प्रयागराज

दिनांक:- 29/09/2025

प्रयागराज  में ललित देवी मंदिर के प्रांगण में व्यंजना रेपेट्री की कलाकार अभिलाषा भारद्वाज एवं विशाखा कौशिक ने देवी गीतों की प्रस्तुति दी।  कलाकारों के साथ संगत के लिये हारमोनियम पर श्री सूरज कुशवाहा रहे, तबले पर श्री शुभम पटवा, ढोलक पर श्री काशी कुशवाहा  रहे।

शारदीय नवरात्रि कार्यक्रम 2025

ललिता देवी मंदिर प्रांगण, प्रयागराज

दिनांक:- 26/09/2025

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री के कलाकारों द्वारा 26 सितम्बर 2025 को ललिता देवी मंदिर प्रांगण में देवी गीतों की प्रस्तुति हुई। इन कलाकारों  में शाम्भवी शुक्ला, अभिलाषा भारद्वाज एवं विशाखा कौशिक  सम्मिलित रहे। तबले पर संगत शुभम पटवा ने दी, हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा रहे, ढोलक पर काशी कुशवाहा रहे ।  

क्लासिकल संध्या

नवरस सभागार, प्रयागराज

दिनांक:- 06/07/2025

यूथ कल्चरल क्लब द्वारा आयोजित शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन नवरस सभागार, प्रीतम नगर में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्लन से हुआ तत्पश्चात प्रशांत आनंद त्रिपाठी ने योग ध्यान से युवाओं को परिचित कराया। कार्यक्रम में शहर की दो उभरती हुई युवा प्रतिभाओं का मंच प्रदर्शन हुआ, जिसमें सर्वप्रथम मनीष कुमार द्वारा शास्त्रीय गायन के अंतर्गत राग गोरख कल्याण की प्रस्तुति हुई, जिसमें विलंबित ख्याल के बोल थे ‘कब घर आवे’ एवं तीनताल में बद्ध द्रुत बंदिश ‘ए री माई, आज पिया नाही आए’ के साथ ही अपनी प्रस्तुति का समापन कजरी ‘बरसन लागि बदरिया रूम झूम के’ से किया। हारमोनियम पर संगत सूरज कुशवाहा एवं तबले पर संगत आदर्श चंद्रा ने किया।द्वितीय प्रस्तुति एकल तबला वादन की शुभम पटवा ने दी, जिसमें पेशकार, कायदा, पलटा, तोड़ा, रेला सहित पंजाब, अजराड़ा, बनारस एवं दिल्ली घराने की अनेक बंदिशें प्रस्तुत की, हारमोनियम पर लेहरा सूरज कुशवाहा ने दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शहर के प्रतिष्ठित गायक मनोज गुप्ता थे, व विशिष्ट अतिथि उमेश कुशवाहा एवं अर्पन यादव रहे । यूथ कल्चरल क्लब के संयोजक श्रेयश शुक्ला ने आयोजन का उद्देश्य बताया। कार्यक्रम का संचालन शिवम पाण्डेय ने किया व सहयोग व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी का रहा। इस कार्यक्रम में भारी मात्रा में शहर के युवाओं ने अपनी उपसतिथि दर्ज कराई।

रवींद्रालय, जगत तारन गोल्डन जुबली स्कूल, प्रयागराज

दिनांक:- 22/06/2025

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री के कलाकारों अभिलाषा भारद्वाज, कीर्ति चौधरी, विशाखा कौशिक,आरती श्रीवास्तव, रंजना पाल सहित अन्य विद्यार्थियों ने रवींद्रालय, जगत तारन स्कूल में कई सांस्कृतिक संस्थाओं- व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी, शिव शक्ति फाउंडेशन, माँ शारदा अकादमी सरस्वती संगीतालय, यमनापार द्वारा विश्व संगीत दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संत कबीर दास जी के गीतों की प्रस्तुति दी। तबले पर संगत आशुतोष गुप्ता ने दी, ढोलक पर पायल बनौधा एवं हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा रहे ।

उ. प्र. राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज

दिनांक:- 20/03/2025

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री के कलाकारों  द्वारा 20 मार्च 2025 को उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विषविद्यालय में  राम लला नहछू की प्रस्तुति हुई। इन कलाकारों  में शाम्भवी शुक्ला, अभिलाषा भारद्वाज, विशाखा कौशिक एवं आरती श्रीवास्तव सम्मिलित रहे। तबले पर संगत शुभम पटवा ने दी, हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा रहे एवं ढोलक पर संगत दी आदर्श कुमार ने ।  

पं. ब्रजमोहन व्यास सभागार, इलाहाबाद संग्रहालय

दिनांक:- 28/02/2025

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री के कलाकारों  द्वारा 28 फरवरी 2025 को पं. ब्रजमोहन व्यास सभागार में इलाहाबाद संग्रहालय की 95th वर्षगाँठ के अवसर पर राम लला नहछू की प्रस्तुति हुई। इन कलाकारों  में शाम्भवी शुक्ला, अभिलाषा भारद्वाज, विशाखा कौशिक, कीर्ति चौधरी  एवं आरती श्रीवास्तव सम्मिलित रहे। तबले पर संगत शुभम पटवा ने दी, हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा रहे एवं ढोलक पर संगत दी अजीत शर्मा  ने ।  

महाकुंभ 2025 , प्रयागराज

दिनांक:- 17/02/2025

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री की कलाकार शांभवी शुक्ला ने महाकुंभ 2025 में यमुना पंडाल में उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लोकगीतों एवं भजनों की प्रस्तुति दी। तबले पर संगत शुभम पटवा ने दी एवं  हारमोनियम पर अनुराग मिश्रा रहे  ।  

उत्तर प्रदेश दर्शन मंडपम् , महाकुंभ 2025 प्रयागराज

दिनांक:- 16/02/2025

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री की कलाकार शांभवी शुक्ला ने उत्तर प्रदेश दर्शन मंडपम् में  एन. सी. जेड. सी. सी. द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भजनों की प्रस्तुति दी। तबले पर संगत शुभम पटवा ने दी एवं  हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा  रहे  ।  

श्री राम जन्मभूमि, अयोध्या

दिनांक:- 13/01/2025

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री के कलाकारों  द्वारा 13 जनवरी 2025 को श्री राम जन्मभूमि, अयोध्या में श्री रामलला प्रतिष्ठा द्वादशी के शुभ अवसर पर राम लला नहछू की प्रस्तुति दी। इन कलाकारों  में शाम्भवी शुक्ला, अभिलाषा भारद्वाज, विशाखा कौशिक एवं कीर्ति चौधरी  सम्मिलित रहीं। तबले पर संगत शुभम पटवा ने दी, हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा रहे एवं ढोलक पर संगत दी आदर्श कुमार ने ।  

भवन्स मेहता विद्याश्रम, भरवारी, कौशांबी

दिनांक:- 17/12/2024

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री की कलाकार अभिलाषा भारद्वाज एवं विशाखा कौशिक ने भवन्स मेहता विद्याश्रम, भरवारी में  इंफ़ोसिस फाउंडेशन एवं भारतीय विद्या भवन, बेंगलुरू द्वारा आयोजित शिशिरोत्सव में गीत व गजलों की प्रस्तुति दी। तबले पर संगत शुभम पटवा ने दी एवं  हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा  रहे  ।  

भवन्स मेहता विद्याश्रम, भरवारी

दिनांक:- 14/12/2024

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री के कलाकारों  शांभवी शुक्ला, अभिलाषा भारद्वाज, कीर्ति चौधरी  एवं विशाखा कौशिक ने भवन्स मेहता विद्याश्रम, भरवारी में  इंफ़ोसिस फाउंडेशन एवं भारतीय विद्या भवन, बेंगलुरू द्वारा आयोजित शिशिरोत्सव में राम लला नहछू की प्रस्तुति दी। तबले पर संगत शुभम पटवा ने दी, ढोलक पर अजीत शर्मा , मंजीरे पर आरती श्रीवास्तव  एवं  हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा  रहे  ।  

राम कथा पार्क, अयोध्या

दिनांक:- 05/12/2024

व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी की रेपेट्री की कलाकार शाम्भवी शुक्ला, अभिलाषा भारद्वाज एवं विशाखा कौशिक ने  राम विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर अयोध्या की पावन धरती पर उ० प्र० पर्यटन एवं संस्कृति विभाग एवं रामायण मेला समिति द्वारा आयोजित 43वें रामायण मेला में गोस्वामी तुलसीदास कृत रामलला नहछू की प्रस्तुति दी। तबले पर संगत शुभम पटवा  ने दी, हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा रहे एवं ढोलक पर अजीत मिश्रा रहे । 

जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय,

चित्रकूट

दिनांक:- 17/10/2024

जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय एवं व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी के संयुक्त तत्त्वावधान में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय अंतरविषयी संगोष्ठी ‘गोस्वामी तुलसीदास: सांस्कृतिकसाहित्यिक एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य में’ का आयोजन  किया गाया। इस आयोजन में व्यंजना रेपेट्री के कलाकारों  ने जिनमे  शांभवी शुक्ला, अभिलाषा भारद्वाज, कीर्ति चौधरी, आरती श्रीवास्तव , रंजना पाल, प्रज्ञा पाल   एवं विशाखा कौशिक सम्मिलित रहे उन्होंने राम लला नहछू की प्रस्तुति दी। तबले पर संगत शुभम पटवा ने दी, ढोलक पर अजीत शर्मा  एवं  हारमोनियम पर सूरज कुशवाहा  रहे  ।  

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